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अलाऊद्दीन खिलजी की बाजार नियंत्रण नीति in Hindi

  अलालुदीन खिलजी की बाजार नियंत्रण नीति in hindi परिचय  • अलालुद्दीन खिलजी, खिलजी वंश का शासक था , जो की अपनी शक्ति से सम्पूर्ण भारत पर अपना अधिकार करना चाहता था इसलिए अलाउद्दीन खिलजी ने दिल्ली सल्तनत का शासक होते हुए स्वयं को अपारशक्तिशाली बनाने के लिए कई योजनाएं बनाई थी जिसमे से  उसकी " बाजार नियंत्रण नीति व योजना " इतिहास में अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि ये योजना का वर्तमान अर्थ व्यवस्था में भी उपयोग होता है ।  [ बाजार नियंत्रण नीति अपनाने का कारण ] 1. आर्थिक स्थिति को लंबे समय के लिए मजबूत बनाने  रखने की सोच :  अलाउद्दीन खिलजी ने दिल्ली सल्तनत का शासक होते हुए बाहरी अभियान किए थे जिसमे उसको अपार धन खर्च करना पड़ा था ।  2. स्थायी सैन्य व्यवस्था की स्थापना : अलाउद्दीन को स्मरण था की विश्व विजय प्राप्त करने के उद्देश्य की पूर्ति के लिए उसके पास विशाल सेना होने के साथ ही साथ दिल्ली सल्तनत में एक बड़ी , बलवान , सशस्त्र स्थायी सेना का होना अत्यधिक महत्वपूर्ण है अर्थात अलाउद्दीन के लिए महत्वपूर्ण था कि वो दिल्ली में स्थायी सेना को सुसज्जित करक...

तुगलक वंश के वस्तुनिष्ठ प्रश्न | Tughlaq vansh ke mcq questions in hindi

तुगलक वंश के वस्तुनिष्ठ प्रश्न| Tughlaq vansh ke mcq questions in hindi  गयासुद्दीन तुगलक | मोहम्मद बिन तुगलक | फिरोज शाह तुगलक  प्रश्न 1 -  तुगलक वंश का वास्तविक संस्थापक कौन था? (अ) फिरोज शाह तुगलक  (ब) मोहम्मद बिन तुगलक  (स) गयासुद्दीन तुगलक (द) गाजी मलिक  उत्तर - (स) गयासुद्दीन तुगलक। प्रश्न 2 - गयासुद्दीन तुगलक अपनी मेहनत ,पराक्रम व योग्यता से उन्नति करता हुआ कहा का सूबेदार नियुक्त किया गया था ?  (अ) दीपालपुर  (ब) ग्वालियर (स) वारंगल (द) देवगिरी उत्तर - (अ)  दीपालपुर ।  प्रश्न 3 -   सुल्तान बनने की कामना हेतु खुसरो ने किस शासक की हत्या की थी ?  (अ) अलाउद्दीन खिलजी  (ब) खिज्र खान  (स) शहाबुद्दी उमर (द) मुबारक शाह ।  उत्तर - (द) मुबारक शाह ।  प्रश्न 4 - मुबारकशाह की गयासुद्दीन द्वारा हत्या का मूल कारण क्या था ?  (अ) अमीरों द्वारा षड्यंत्र (ब)  गयासुद्दीन का स्वयं सुल्तान बनने की आकांक्षा  (स) दिल्ली में लूट मार  (द) आपसी मतभेद उत्तर -  (ब) गयासुद्दीन का स्वयं सुल्तान बनने की ...

1919 भारत सरकार अधिनियम के वस्तुनिष्ठ प्रश्न | 1919 Bharat Parishad Adhiniyam Mcqs Questions

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1919 भारत सरकार अधिनियम के वस्तुनिष्ठ प्रश्न  1919 ई ० भारत सरकार अधिनियम के महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न in Hindi  प्रश्न 1  - 1919 ई० अधिनियम दूसरे किस नाम से प्रख्यात है ? (अ) मोर्ले मिनटों अधिनियम  (ब) माण्टेग्यू - चेम्सफोर्ड अधिनियम  (स) भारतीय सुरक्षा अधिनियम (द) भारतीय स्वतन्त्रता अधिनियम उत्तर - (ब) माण्टेग्यू - चेम्सफोर्ड अधिनियम । प्रश्न 2 - 1919 में भारत सचिव कौन था ?  (अ) मोर्ले  (ब) स पी सिंह  (स) चेम्सफोर्ड  (द) - माण्टेग्यू उत्तर - (द) माण्टेग्यू । प्रश्न 3 - 1919 ई० के अधिनियम के पारित होने का मुख्य कारण क्या था ?  (अ) उदारवादी आंदोलन  (ब) प्रथम विश्व युद्ध  (स) 1919 ई ० अधिनियम की निसफलता  (द) होम रूल आंदोलन  उत्तर - (स) 1919 ई ० अधिनियम की निसफलता । प्रश्न 4 - भारतीयों को स्वशासन की उम्मीद सबसे अधिक किस अधिनियम से थी ?  (अ)  1919 ई० अधिनियम से  (ब) 1858 ई० अधिनियम से (स) 1935 ई० अधिनियम से  (द) भारतीय सुरक्षा अधिनियम से  उत्तर - (अ) 1919 ई० अधिनियम से । प्रश्न 5 - ...

उदारवादी युग क्या था ?

   उदारवादी युग क्या था ?   ∆ परिचय -  • भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास 150 वर्षों से भी अधिक का रहा है अंग्रेजों के आगमन से एवं भारतीयों के संघर्ष तक भारतीय राजनीति के कार्यों का सारांश इस प्रकार उपलब्ध है कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन में विभिन्न प्रकार के गुण - दोष विख्यात है।  • भारत भारतीय राजनीति में राजनीतिक नेताओं एवं दलों का विश्वास, कार्य , विधि एवं सिद्धांत भिन्न-भिन्न प्रकार के रहे थे इसका परिणाम भारतीय राजनीति को दो भागों में विभक्त करने का हुआ।  • 1885 ई०-1905 ई० तक के कार्यकाल भारत के राजनीतिक नियम में उदारवादी विचारधारा का रहा है क्योंकि भारतीय राष्ट्र कांग्रेस एक राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक पार्टी थी जिसे भारतीयों को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त करने के लिए अंग्रेजों के साथ उदार मानसिकता का आविर्भाव किया था इसलिए इन 20 वर्षों को भारत के स्वतंत्रता संघर्ष एवं इतिहास को उदारवादी युग कहा जाता है।  ∆ कांग्रेस के प्रमुख उदारवादी नेताओं की सूची -    1- सुरेंद्रनाथ बनर्जी  2- दादा भाई नौरोजी  3- गोपाल कृष...

1909 भारत परिषद् अधिनियम के वस्तुनिष्ठ प्रश्न | 1909 Bharat Parishad Adhiniyam ke MCQ Questions in hindi

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 1909 ई० भारत परिषद् अधिनियम के वस्तुनिष्ठ प्रश्न| 1909 Bharat Parishad Adhiniyam ke MCQ Questions in hindi  1909 ई० भारत परिषद् अधिनियम के महेत्वपूर्ण प्रश्न :  प्रश्न 1- किस व्यवस्था में परिवर्तन हेतु 1909 का अधिनियम पारित किया था ?  (अ) भारतीय सेना व्यवस्था  (ब) भारतीय न्याय व्यवस्था  (स) भारतीय बाजार व्यवस्था  (द)  भारतीय संविधानिक व्यवस्था ।  उत्तर - (द)  भारतीय संविधानिक व्यवस्था ।  प्रश्न 2 -  1909 का अधिनियम दूसरे किस नाम से प्रचलित है ? (अ) माण्टेग्यू-चेम्सफोर्ड अधिनियम (ब) मोर्ले मिण्टो सुधार अधिनियम  (स) भारत सरकार अधिनियम  (द) भारतीय संविधान अधिनियम उत्तर - (ब) मोर्ले मिण्टो सुधार अधिनियम । प्रश्न 3 - 1892 ई० के अधिनियम के बाद भारत में निम्न में से किन दो बीमारीयो ने महामारी का रूप ले लिया था ?  (अ) मलेरिया और पोलियो (ब) डेंगू और प्लेग (स) मलेरिया और प्लेग (द) टायफाइड और चेचक उत्तर - (स) - मलेरिया और प्लेग । प्रश्न 4 - लॉर्ड कर्जन भारत में किस पद पर कार्यरत रहे थे ? (अ) वायसराय (ब) सचिव  (स) गव...

खिलजी वंश के वस्तुनिष्ठ प्रश्न | Khilji Vansh Ke Mcq questions in hindi

 खिलजी वंश के वस्तुनिष्ठ प्रश्न | Khilji Vansh Ke MCQ Questions in hindi  जलालुद्दीन और अलाउद्दीन खिलजी के वस्तुनिष्ट प्रश्न  प्रश्न 1 - जलालुद्दीन खिलजी ने किस वंश के अंतिम शासक का वध किया था ?   (अ) खिलजी वंश  (ब) गुलाम वंश  (स) काकतीय वंश (द) गुहिलोत वंश उत्तर -  (ब) गुलाम वंश । प्रश्न 2 - खिलजी वंश में शाइस्त खां की उपाधि किसे मिली थी ?  (अ) गयासुद्दीन बलबन  (ब) अलाउद्दीन खिलजी  (स) जलालुद्दीन खिलजी  (द) खिज्र खा उत्तर - (स) जलालुद्दीन खिलजी । प्रश्न 3 - जलालुद्दीन खिलजी का प्रशासन किस विचारधारा पर आधारित था ?  (अ) निरंकुशता की विचारधारा (ब)  राजत्व के सिद्धांत का पालन  (स) रक्त और लौह की नीति का पालन  (द) कोई अप्रसन्न न रहे । उत्तर - (द) कोई अप्रसन्न न रहे ।  प्रश्न 4 - जलालुद्दीन खिलजी का शासनकाल कब से कब तक था  ?  (अ)-  1290 से 1296 ई०  (ब)- 1292 से 1296 ई० (स)- 1286 से 1296 ई० (द)- 1292 से 1298 ई०  उत्तर - (अ) 1290 से 1296 ई० । प्रश्न 5 - 1291 ई० में कड़ा - मानिकपुर ...

जलालुद्दीन खिलजी का इतिहास | Jalaluddin Khilji Ka Itihaas

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 जलालुद्दीन खिलजी का इतिहास | Jalaluddin Khilji Ka Itihaas  • 1206 से 1290 ई० तक भारत में गुलाम वंश का नाम इतिहास में प्रसिद्ध है , लंबे समय तक गुलाम वंश ने भारत पर शासन करा था , कुतुबुद्दीन ने दिल्ली में गुलाम वंश की स्थापना की थी और इल्तुतमिश एवं रजिया ने दिल्ली की शक्ति में वृद्धि की थी । • 1266 ई० से 1286 ई० के अंतिम गुलामवंशीय शासक बलबन की मृत्यु होने के पश्चात दिल्ली सल्तनत में केंद्र शक्ति का विघटन हो गया जिसके चलते अमीरों और सरदारों ने बलबन के छोटे बेटे के पुत्र कैकूबाद को सिंहासन पर बिठा दिया ।  • कैकुबाद अपने पिता के समान योग्य न था जिसका लाभ खिलजियो ने उठाया और सल्तनत में एक नए वंश की स्थापना कर दी ।                     जलालुद्दीन खिलजी का जीवन                                        एवं                         खिलजी वंश की स्थापना  • जलालुद...

तैमूर लंग का इतिहास | Taimoor lang ka itihas

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   तैमूर लंग का इतिहास| Taimoor Lang Ka Itihaas ∆ परिचय  बार्लस कबीले की शाखा चतगाई के प्रधान अमीर तुर्गाई के पुत्र तैमूर   लंग का जन्म ट्रांस ऑक्सियाना( कैच ) (वर्तमान समय में तुर्किस्तान ) में हुआ था। तैमूर जब 33 वर्ष का हुआ तब वह समरकंद का शासक बना।  • तैमूर का शाब्दिक अर्थ होता है - लोहे के समान या लोहे जैसे शरीर वाला अथवा मजबूत। • तैमूर ने जब भारत पर आक्रमण किया उस वक्त दिल्ली सल्तनत में फिरोज का पोता मोहम्मद शासन कर रहा था। तैमूर के भारत पर आक्रमण की वजह तैमूर के पौत्र पीर मोहम्मद को बताया जाता है। तैमूर का भारत पर आक्रमण - भारत की जमीन पर पांव रखते ही सर्वप्रथम उसने मुल्तान पर अभियान किया। (क) - मुल्तान पर अभियान -  • मुल्तान पर अपने पोते द्वारा सेना भेजे जाने के पश्चात उसने वहां अधिकार कर लिया । वहां से तालंबा का अभियान करके दीपालपुर ( वर्तमान में पाकिस्तान में) पर विजय प्राप्त कर भटनेर की ओर चल दिया।  (ख) - भटनेर का अभियान -   • भटनेर में तैमूर ने भारी क्षती पहुंचाई , और खूब धन लूटा व लूटपाट भी बहुत की । कई धनी अमीर भी नि...

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